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DAP, TSP, SSP और NPK में क्या फर्क है? कौन-सी खाद सबसे असरदार है किसानों के लिए

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Difference-Between-DAP-TSP-SSP-NPK-Fertilizer

भारत में खेती के लिए सही खाद का चुनाव बेहद जरूरी है क्योंकि इससे फसल की पैदावार और गुणवत्ता दोनों पर फर्क पड़ता है. किसान अक्सर DAP, TSP, SSP और NPK जैसे उर्वरकों का नाम सुनते हैं, लेकिन इनकी खूबियों और जमीन के हिसाब से इस्तेमाल को लेकर उलझन रहती है.​
खाद का चुनाव फसल, मिट्टी की जरूरत और पोषक तत्वों की कमी पर निर्भर करता है. इसी विषय पर यह लेख सरकारी आंकड़ों और सरकारी योजनाओं पर आधारित जानकारी देता है.​

डीएपी, टीएसपी, एसएसपी और एनपीके उर्वरक क्या हैं?

डीएपी यानी डाय-अमोनियम फॉस्फेट में नाइट्रोजन और फॉस्फोरस दोनों की मात्रा ज्यादा रहती है और यह तेजी से घुलकर पौधों की जड़ों तक पोषण पहुंचाता है.​
टीएसपी (ट्रिपल सुपर फॉस्फेट) में केवल फॉस्फोरस होता है, जिससे जड़ों का विकास अच्छा होता है, लेकिन इसमें नाइट्रोजन नहीं मिलता.​
एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) में फॉस्फोरस, कैल्शियम और सल्फर तीनों होते हैं, जो मिट्टी में इनकी कमी पूरी करने के लिए असरदार है.​
एनपीके (नाइट्रोजन-फॉस्फोरस-पोटैशियम) एक मिश्रित उर्वरक है, जिसमें तीनों मुख्य पोषक तत्व संतुलित मात्रा में मिलते हैं.​

खादों की विशेषताएँ और फर्क

  • DAP में पौधों के शुरुआती विकास के लिए सबसे ज्यादा नाइट्रोजन और फॉस्फोरस रहता है.​
  • TSP सिर्फ फॉस्फोरस की पूर्ति करता है, जिसके कारण जड़ों का विकास अच्छा होता है.​
  • SSP में सल्फर भी मिलता है, जिससे तेल की फसलें, दालें और चारे की फसलें अच्छी होती हैं.​
  • NPK मिश्रित उर्वरक है, जो सभी तरह की फसलों में उपयोगी रहता है.​

खादों का मुख्य अवलोकन तालिका

खाद का नाममुख्य पोषक तत्व और उपयोग
डीएपी18% नाइट्रोजन, 46% फॉस्फोरस, सभी फसलों के लिए​
टीएसपी46% फॉस्फोरस, जड़ों के लिए, नाइट्रोजन नहीं​
एसएसपी16-20% फॉस्फोरस, 12% सल्फर, 21% कैल्शियम, सल्फर की कमी वाली मिट्टी में सर्वोत्तम​
एनपीके (12:32:16)12% नाइट्रोजन, 32% फॉस्फोरस, 16% पोटैशियम, संतुलित फसल पोषण​
एनपीके (10:26:26)10% नाइट्रोजन, 26% फॉस्फोरस, 26% पोटैशियम​
यूरिया46% नाइट्रोजन, सिर्फ नाइट्रोजन की पूर्ति​
मूरीएट ऑफ पोटैश60% पोटैशियम, आलू, टमाटर जैसी फसलों के लिए​
मानाव के लिएमिश्रित उपयोग बाकी पोषक तत्त्व के लिए​

कैसे चुनें असरदार खाद?

  • शुरुआत में पौधों के बढ़ने के लिए डीएपी सबसे असरदार है क्योंकि इसमें दोनों मुख्य पोषक तत्व मौजूद रहते हैं.​
  • यदि केवल जड़ों के लिए फॉस्फोरस चाहिए तो टीएसपी चुनें, लेकिन नाइट्रोजन सप्लीमेंट जरूरी है.​
  • एसएसपी तब चुनें जब मिट्टी में सल्फर की कमी हो या फसल को सल्फर की अधिक जरूरत हो.​
  • मिश्रित फसल या सब्जी की खेती में एनपीके सबसे बेहतर है, क्योंकि इसमें तीनों तत्त्व मिलते हैं.​
  • यदि केवल नाइट्रोजन की कमी है तो यूरिया इस्तेमाल करें.​

खादों के उपयोग की सरकारी सलाह

सरकार ने ‘न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी’ (NBS) योजना चलाई है.​
DAP, TSP, SSP और NPK सभी खादों पर सब्सिडी लागू होती है और इनके दाम सरकार तय करती है.​
2025 में DAP, TSP, SSP और NPK का उपयोग क्षेत्र अनुसार, फसल मद्देनजर और मिट्टी परीक्षण के आधार पर करवाने को सरकार ने प्रोत्साहित किया है.​

खादों का असरदार उपयोग

  • DAP: गेहूं, धान, सरसों, और सभी प्रमुख फसलों में​
  • TSP: दलहनी, तिलहनी और ऐसी फसलें जिनमें नाइट्रोजन की जरूरत न हो​
  • SSP: सल्फर वाली फसलें जैसे सरसों, मूंगफली, तिलहन, जई आदि​
  • NPK: सब्जियां, फल और ऐसी फसलें जिनमें सभी पोषक तत्त्व चाहिए​

मुख्य बिंदु:

  • DAP का सबसे ज्यादा उपयोग होता है क्योंकि इसमें तुरंत असर मिलता है और कीमत भी सरकार द्वारा नियंत्रित रहती है.​
  • अगर DAP न मिले तो, किसान TSP+Urea या SSP+Urea का विकल्प चुन सकते हैं.​
  • NPK मिश्रित खाद सभी फसलों के लिये संतुलित विकल्प है, किंतु महंगी है.​
  • SSP, सल्फर की आपूर्ति के लिए सस्ती और असरदार है.​

किसानों के लिए खाद का चुनाव कैसे करें

  • मिट्टी की जांच के बाद ही खाद का चुनाव करें.​
  • गेहूं, चावल जैसी फसलों के लिए डीएपी उपयुक्त है.​
  • दलहन, तिलहन, सब्जियों के लिए NPK या SSP चुन सकते हैं.​
  • जरूरत अनुसार टीएसपी या एसएसपी का उपयोग बढा सकते हैं, खासकर जब सल्फर या फॉस्फोरस की कमी हो.​

खादों के इस्तेमाल पर सरकारी नीतियां

सरकार ने नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम वाली खादों के दाम काबू रखने और किसान तक इनकी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पॉलिसी बनाई है.​
2025 में सरकार ने खादों की सप्लाई, सब्सिडी और कीमतों को लेकर कड़े दिशा-निर्देश लागू किए हैं.​

प्रमुख सरकारी सुझाव

  • जरूरत आधारित खाद का चयन करें.​
  • अधिक डीएपी या नाइट्रोजन का उपयोग न करें, वरना मिट्टी की गुणवत्ता खराब हो सकती है.​
  • सल्फर, फॉस्फोरस या पोटैशियम की कमी के अनुसार SSP, TSP या NPK चुने.​

खादों से संबंधित सरकारी योजनाएँ

  • ‘न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी’ (NBS) योजना​
  • ICAR की ‘कृषक योजना सुझाव’ तथा राज्य सरकार की मिट्टी जांच सेवा​

निष्कर्ष

किसान के लिए खाद का चुनाव मिट्टी, फसल और उपलब्धता के हिसाब से करना चाहिए.​
DAP ज्यादातर फसलों के लिए असरदार है, लेकिन NPK, SSP और TSP भी खास जरूरतों के लिए बेहतर विकल्प हैं.​
सरकार खादों के दाम, सप्लाई और गुणवत्ता पर सख्त नजर रखती है; हर जिलेमें सरकारी दुकान से प्रमाणित खाद खरीदें.

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