आज के समय में जब हर इंसान मानसिक तनाव, करियर की चिंता और बीमारियों से घिरा हुआ है, तब हमारे प्राचीन शास्त्रों का एक ज्ञान तेजी से वायरल हो रहा है। वह ज्ञान है ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurta) में जागने और एक विशेष शब्द या मंत्र का उच्चारण करने का।
धार्मिक मान्यताओं और आयुर्वेद के अनुसार, सुबह का यह समय इतना शक्तिशाली होता है कि इसमें की गई कोई भी प्रार्थना सीधे ब्रह्मांड तक पहुँचती है। लोग दावा कर रहे हैं कि ब्रह्म मुहूर्त में उठकर बस एक सही शब्द बोलने से बड़ी से बड़ी बाधाएं दूर हो जाती हैं।
आइए जानते हैं कि ब्रह्म मुहूर्त का असली समय क्या है, इसका वैज्ञानिक महत्व क्या है और वह कौन सा शब्द है जो आपकी किस्मत बदल सकता है। इस लेख में हम इस प्राचीन परंपरा से जुड़ी हर बारीक जानकारी को विस्तार से समझेंगे।
ब्रह्म मुहूर्त क्या है और इसका समय (Brahma Muhurta Meaning & Time)
ब्रह्म मुहूर्त दो शब्दों से मिलकर बना है— ‘ब्रह्म’ यानी परमात्मा या ज्ञान और ‘मुहूर्त’ यानी समय। शास्त्रों के अनुसार, सूर्योदय से लगभग 1 घंटा 36 मिनट पहले का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
यह वह समय होता है जब वातावरण में सत्व गुण की प्रधानता होती है और नकारात्मक ऊर्जा न्यूनतम होती है। इस समय को ‘अमृत वेला’ भी कहा जाता है क्योंकि इस दौरान हवा में शुद्ध ऑक्सीजन (नवजात ऑक्सीजन) की मात्रा सबसे अधिक होती है, जो शरीर और मस्तिष्क को नई ऊर्जा देती है।
ब्रह्म मुहूर्त में बोलने वाला वह 1 चमत्कारी शब्द (The Magical Word)
सोशल मीडिया और आध्यात्मिक चर्चाओं में जिस ‘1 शब्द’ की बात की जा रही है, वह वास्तव में कोई जादुई शब्द नहीं बल्कि आपके इष्ट देव का नाम या ‘ॐ’ (Om) का उच्चारण है। कुछ विद्वान इसे ‘कृतज्ञता’ (Gratitude) का शब्द भी कहते हैं।
जब आप ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पूरी श्रद्धा के साथ ‘धन्यवाद’ या अपने गुरु/ईश्वर का नाम लेते हैं, तो आपका सबकॉन्शियस माइंड (अवचेतन मन) सक्रिय हो जाता है। इस समय ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Energy) अपने चरम पर होती है, जिससे आपके शब्दों में संकल्प की शक्ति आ जाती है।
ब्रह्म मुहूर्त में जागने के वैज्ञानिक और शारीरिक लाभ (Scientific Benefits)
ब्रह्म मुहूर्त में उठना केवल धार्मिक क्रिया नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा विज्ञान छिपा है। आधुनिक शोध बताते हैं कि सुबह के इस समय में वातावरण बहुत शांत होता है और प्रदूषण का स्तर सबसे कम होता है।
- ऑक्सीजन का उच्च स्तर: इस समय वायुमंडल में मौजूद शुद्ध हवा फेफड़ों को मजबूती प्रदान करती है और खून को साफ करती है।
- हार्मोनल संतुलन: जल्दी उठने से शरीर का सर्कैडियन रिदम (Biological Clock) सही रहता है, जिससे ‘डोपामाइन’ और ‘सेरोटोनिन’ जैसे हैप्पी हार्मोन्स रिलीज होते हैं।
- मानसिक स्पष्टता: सुबह के वक्त दिमाग की अल्फा वेव्स सक्रिय होती हैं, जिससे जटिल समस्याओं का समाधान आसानी से मिल जाता है।
ब्रह्म मुहूर्त की दिनचर्या: क्या करें और क्या न करें?
यदि आप चाहते हैं कि ब्रह्म मुहूर्त का पूरा लाभ आपको मिले, तो आपको एक सही दिनचर्या का पालन करना चाहिए। केवल उठ जाना ही काफी नहीं है, उस समय का सदुपयोग करना जरूरी है।
- ध्यान और योग: कम से कम 15-20 मिनट का ध्यान (Meditation) आपके मानसिक तनाव को जड़ से खत्म कर सकता है।
- आत्म-चिंतन: इस समय अपनी गलतियों और लक्ष्यों के बारे में सोचें। इसे ‘इंट्रोस्पेक्शन’ कहा जाता है।
- पढ़ाई और योजना: विद्यार्थियों के लिए यह समय सबसे उत्तम है क्योंकि इस दौरान जो पढ़ा जाता है, वह लंबे समय तक याद रहता है।
ब्रह्म मुहूर्त के लाभ: एक नजर में
- स्मरण शक्ति में अद्भुत वृद्धि होती है।
- चेहरे पर प्राकृतिक चमक और तेज आता है।
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ती है।
- पुरानी बीमारियाँ जैसे डिप्रेशन और अनिद्रा दूर होती हैं।
- दिन भर कार्य करने के लिए स्फूर्ति और उत्साह बना रहता है।












