तुलसी का पौधा हिंदू धर्म में न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह औषधीय गुणों का खजाना भी है। अक्सर देखा गया है कि मौसम बदलने या सही देखभाल न मिलने के कारण तुलसी का पौधा सूखने लगता है।
कई लोग पौधे के सूखते ही परेशान हो जाते हैं और उन्हें लगता है कि अब यह ठीक नहीं होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके किचन में मौजूद कुछ साधारण चीजों से आप तुलसी को फिर से हरा-भरा कर सकते हैं?
आज के इस लेख में हम आपको Tulsi Plant Care Tips और घर पर बनने वाली जादुई खाद के बारे में विस्तार से बताएंगे। अगर आपका पौधा भी लकड़ी जैसा सूख गया है, तो यह जानकारी आपके बहुत काम आएगी।
तुलसी का पौधा सूख रहा है? ये घरेलू खाद डालें और पौधा फिर हरा-भरा करें
तुलसी के पौधे की उम्र बढ़ाने और उसे घना बनाने के लिए मिट्टी में पोषक तत्वों का होना बहुत जरूरी है। जब मिट्टी की उर्वरक शक्ति कम हो जाती है, तो पौधा धीरे-धीरे पीला पड़ने लगता है और उसकी पत्तियां झड़ने लगती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, तुलसी की देखभाल के लिए महंगे केमिकल वाले फर्टिलाइजर की जरूरत नहीं होती है। घर पर बनाई गई जैविक खाद (Organic Fertilizer) इसके लिए सबसे उत्तम मानी जाती है क्योंकि यह जड़ों को नुकसान नहीं पहुँचाती।
तुलसी के पौधे सूखने के मुख्य कारण और समाधान
तुलसी का पौधा अक्सर ओवरवॉटरिंग (Overwatering) या फंगस के कारण सूखता है। यदि आप रोज बहुत ज्यादा पानी डालते हैं, तो जड़ों में हवा नहीं पहुँच पाती और वे सड़ने लगती हैं।
दूसरा बड़ा कारण है मंजरी (Seeds) का समय पर न हटाना। जब तुलसी पर बीज आने लगते हैं, तो पौधा अपनी पूरी ऊर्जा बीज बनाने में लगा देता है और नई पत्तियों का विकास रुक जाता है।
इसके अलावा, सर्दियों में पाला (Frost) गिरने से भी पौधा काला होकर सूखने लगता है। इन समस्याओं से बचने के लिए पौधे को सूती कपड़े से ढकना और नियमित गुड़ाई करना आवश्यक है।
घर पर तैयार करें ये जादुई घरेलू खाद (Homemade Fertilizers)
अगर आपकी तुलसी सूख रही है, तो आप नीचे दी गई घरेलू खादों का उपयोग कर सकते हैं। ये खादें नाइट्रोजन और मैग्नीशियम से भरपूर होती हैं जो पौधों के विकास के लिए जरूरी हैं:
- इस्तेमाल की हुई चाय पत्ती: चाय बनाने के बाद बची हुई पत्ती को धोकर सुखा लें। इसे महीने में दो बार मिट्टी में मिलाने से नाइट्रोजन मिलता है।
- हल्दी पाउडर: मिट्टी में फंगस लग जाने पर एक चम्मच हल्दी का छिड़काव करें। यह एक बेहतरीन एंटी-फंगल के रूप में काम करती है।
- नीम के पत्तों का पानी: नीम के पत्तों को उबालकर ठंडा करें और उस पानी को पौधे में डालें। इससे मिट्टी के कीड़े मर जाते हैं।
- सूखा गोबर (Cow Dung): पुरानी गोबर की खाद मिट्टी की उर्वरता को तुरंत बढ़ा देती है।
- एप्सम साल्ट (Epsom Salt): आधा चम्मच एप्सम साल्ट को पानी में घोलकर जड़ों में डालने से पत्तियां चमकदार और गहरी हरी होती हैं।
तुलसी को बरगद जैसा घना बनाने के टिप्स
तुलसी को घना बनाने के लिए पिंचिंग (Pinching) की तकनीक सबसे अच्छी होती है। जब भी आप देखें कि पौधे की शाखा के ऊपर छोटी पत्तियां आ रही हैं, तो उन्हें ऊपर से तोड़ दें।
ऐसा करने से पौधा ऊपर की तरफ बढ़ने के बजाय साइड से नई टहनियां निकालेगा। इसके साथ ही, समय-समय पर मंजरी को हटाते रहें ताकि पौधा अपनी ऊर्जा पत्तियों को बढ़ाने में लगाए।
पौधे की मिट्टी की 15-20 दिनों में एक बार हल्की गुड़ाई जरूर करें। गुड़ाई करने से जड़ों तक ऑक्सीजन पहुँचती है, जिससे पौधा स्वस्थ रहता है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
तुलसी के पौधे को कभी भी अंधेरे कमरे में न रखें। इसे प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा की सख्त जरूरत होती है।
पूजा के दौरान जल चढ़ाते समय ध्यान रखें कि गमले में पानी जमा न हो। अगर गमले में पानी खड़ा रहता है, तो उसे तुरंत बाहर निकालें वरना जड़ें खराब हो जाएंगी।
गर्मियों में पौधे को सीधी तेज धूप से बचाएं और सर्दियों में इसे रात के समय खुले आसमान के नीचे न छोड़ें। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपनी तुलसी को सालों-साल हरा-भरा रख सकते हैं।















