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AI Impact Summit 2026 में भारत ने रचा इतिहास, Guinness में दर्ज हुआ नाम 

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नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit 2026 में भारत ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस इवेंट के दौरान भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार उपयोग को लेकर मात्र 24 घंटे में दुनिया में सबसे ज्यादा शपथ (Pledge) दिलाने का Guinness World Record बनाया है।

यह गौरवपूर्ण उपलब्धि भारत के सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश के सामने रखी। उन्होंने बताया कि यह रिकॉर्ड केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि यह भारत के युवाओं और नागरिकों की एआई तकनीक के प्रति गंभीरता और जिम्मेदारी को दर्शाता है। इस अभियान में लाखों छात्रों और पेशेवरों ने हिस्सा लिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन के तहत इस समिट का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एआई जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल समाज की भलाई और विकास के लिए करना है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत अब ग्लोबल एआई लीडर बनने की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

AI Impact Summit 2026: भारत का ऐतिहासिक Guinness World Record

भारत में आयोजित India AI Impact Summit 2026 एक वैश्विक मंच बन गया है जहां तकनीक और नैतिकता का मिलन हुआ। इस समिट के दौरान चलाए गए AI Responsibility Campaign ने इतिहास रच दिया है। भारत ने “Most pledges received for an AI responsibility campaign in 24 hours” की श्रेणी में अपना नाम गिनीज बुक में दर्ज कराया है।

इस अभियान के तहत कुल 2,50,946 लोगों ने 16 से 17 फरवरी के बीच ऑनलाइन शपथ ली। सरकार ने शुरुआत में केवल 5,000 शपथ का लक्ष्य रखा था, लेकिन जनता के उत्साह ने इस आंकड़े को कई गुना पार कर दिया। यह दिखाता है कि भारतीय नागरिक एआई के खतरों जैसे डीपफेक और गलत सूचनाओं के प्रति कितने जागरूक हैं।

एआई जिम्मेदारी अभियान (AI Responsibility Campaign) के मुख्य बिंदु

इस अभियान को सफल बनाने के लिए MeitY (इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) ने विशेष प्रयास किए थे। अभियान के दौरान नागरिकों को एआई के नैतिक उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। इस डिजिटल मूवमेंट में हिस्सा लेने वाले लोगों के लिए प्रक्रिया बहुत ही सरल रखी गई थी।

अभियान के दौरान प्रतिभागियों को एक डिजिटल पोर्टल पर जाकर कुछ सवालों के जवाब देने थे। ये सवाल डेटा प्राइवेसी, पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित थे। शपथ पूरी करने के बाद हर नागरिक को एक डिजिटल बैज और एआई सीखने के लिए विशेष कोर्स का एक्सेस दिया गया।

इसमें सबसे बड़ी भागीदारी देश के छात्रों की रही, जिन्होंने इसे एक जन आंदोलन बना दिया। कॉलेजों और स्कूलों के लाखों विद्यार्थियों ने इस तकनीकी क्रांति में अपनी जिम्मेदारी को समझा। आईटी मंत्री ने इस सफलता का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री के विजन और देश की युवा शक्ति को दिया है।

समिट की मुख्य विशेषताएं और Global Impact

  • गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड: भारत ने 24 घंटे में 2.5 लाख से अधिक शपथ दिलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया।
  • ग्लोबल लीडर्स की उपस्थिति: इसमें गूगल के सुंदर पिचाई और ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज शामिल हुए।
  • MANAV विजन: पीएम मोदी ने एआई के लिए ‘मानव’ (MANAV) फ्रेमवर्क पेश किया जो नैतिकता और सुरक्षा पर केंद्रित है।
  • डिजिटल साक्षरता: ‘YUVAi’ और ‘AI for All’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए 1 करोड़ लोगों को शिक्षित करने का लक्ष्य है।
  • निवेश की घोषणाएं: माइक्रोसॉफ्ट और गूगल ने भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अरबों डॉलर के निवेश का वादा किया।

एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान महत्वपूर्ण चर्चाएं

इस समिट में केवल रिकॉर्ड ही नहीं बने, बल्कि भविष्य की तकनीक पर गंभीर मंथन भी हुआ। सरकार ने स्पष्ट किया कि एआई का उपयोग स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्रांति लाने के लिए किया जाएगा। भारत अब दुनिया को यह सिखा रहा है कि तकनीक को बिना डरे, जिम्मेदारी के साथ कैसे अपनाना चाहिए।

समिट के दौरान Deepfake और गलत सूचनाओं को रोकने के लिए सख्त नियमों पर भी बात हुई। सरकार का मानना है कि एआई को ‘ओपन स्काई’ मिलना चाहिए लेकिन उसकी कमान इंसानों के हाथ में होनी चाहिए। भारत का यह मॉडल अब विकसित देशों के लिए भी एक उदाहरण बन गया है।

इस इवेंट की सफलता को देखते हुए इसकी अवधि को एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया था। अब यह प्रदर्शनी 21 फरवरी तक चलेगी ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस आधुनिक तकनीक को करीब से देख सकें। भारत मंडपम में जुटे दुनिया भर के विशेषज्ञों ने माना कि भारत एआई का नया हब बन चुका है।

भारत का भविष्य और एआई मिशन (IndiaAI Mission)

IndiaAI Mission के तहत सरकार देश में कंप्यूटिंग पावर और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। बजट 2026-27 में भी इसके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि एआई केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों के किसान और छोटे व्यापारी भी इसका लाभ उठा सकें।

समिट में यह भी बताया गया कि भारत अपनी भाषाओं में एआई मॉडल विकसित कर रहा है। ‘भाषिणी’ जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए एआई अब आम आदमी की भाषा में बात कर सकेगा। इससे डिजिटल डिवाइड कम होगा और हर भारतीय सशक्त बनेगा।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सरकारी आधिकारिक वेबसाइटों (PIB और IndiaAI) और समिट के दौरान की गई घोषणाओं पर आधारित है। AI Impact Summit 2026 में भारत द्वारा बनाया गया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड पूरी तरह वास्तविक और ऐतिहासिक है। यह खबर किसी काल्पनिक योजना के बारे में नहीं बल्कि भारत की एक बड़ी वैश्विक उपलब्धि के बारे में है।

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